प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • भूख का फैसला

    भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती...

  • बस में खड़ा हिमालय

    यात्राएँ कभी-कभी जीवन को देखने की दृष्टि बदल देती हैं।मेरी यह यात्रा भी आरंभ में...

  • अधूरापन - 30

    अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और ब...

रोशनी की दस्तक - 1 By Nisha Choudhary

भाग 1: अनदेखा दीयारघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीवारें अब सिर्फ ख़ामोशी की गवाही देती थीं। ढलती शाम के साथ जब गाँव की गलियों में चिड़ियों का शोर थमता, तब रघुनाथ जी के घर...

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सफलता जरूर हासिल करें By Naastik Aman Verma

सफलता जरूर हासिल करेंकिसी छोटे-से गाँव के आखिरी छोर पर एक पुराना-सा घर था। घर की दीवारों पर समय की दरारें थीं, छत पर बरसात के निशान थे और आँगन में एक नीम का पेड़ था, जिसकी छाया में...

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एक बूँद ज़िंदगी By kantilal Rathod Badamiya

एक बूँद ज़िंदगीजब रास्ता खत्म हो जाए, तब इंसानियत रास्ता बनाती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर पानी को बहुत छोटी चीज समझ लेते हैं।नल खोला… पानी आया।गिलास भरा… पानी पी लिया।बोतल आधी बची…...

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छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 14 By Aloka Patel

भाग 14 — वर्षों पुराना रहस्यअस्पताल के कमरे में उस समय एक अजीब-सी शांति थी।राधा अपनी सास के पास बैठी थी।सास की तबीयत अब पहले से काफी बेहतर थी। डॉक्टरों ने भी कहा था कि खतरा टल चुका...

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चमक के पीछे By kantilal Rathod Badamiya

चमक के पीछेदौलत, विश्वास और इंसानियत की एक भावुक कहानी--- प्रस्तावनाहर इंसान जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।कोई छोटा घर बड़ा करना चाहता है, कोई बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहता...

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पहाड़, जंगल और झरने के बीच एक छोटा सा घर By Dharmpal Sroj

बहुत दूर, शहर की भीड़ और शोर से बिल्कुल अलग, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच एक छोटी-सी घाटी थी। उस घाटी के चारों ओर घना जंगल फैला हुआ था। जंगल में देवदार और चीड़ के ऊँचे पेड़ हवा चलने पर...

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भूख का फैसला By kantilal Rathod Badamiya

भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकायह कहानी किसी एक बच्चे की नहीं है।यह कहानी उस भ...

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सादगी बनी मिसाल By Vandna Sharma

सादगीअनु कोई असाधारण नाम नहीं था, और वह खुद भी खुद को असाधारण नहीं मानती थी। वह एक साधारण सी, सुलझे विचारों वाली लड़की थी। उसे सजने-संवरने का शौक नहीं था। उसके लंबे-ढीले सूट, करीने...

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खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं By Anugya Mishra

खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं हम सबने अपने जीवन में परिश्रम किया है, संघर्ष किया है और अपनी क्षमता के अनुसार सफलता, पद, प्रतिष्ठा और सम्मान पाया...

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एक क्लिक By kantilal Rathod Badamiya

एक क्लिककभी-कभी एक छोटी-सी मदद… किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाहम जिस दौर में जी रहे हैं, वहाँ मोबाइल हमारे हाथ में है और इंटरनेट...

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बस में खड़ा हिमालय By Shilpy Aggarwal

यात्राएँ कभी-कभी जीवन को देखने की दृष्टि बदल देती हैं।मेरी यह यात्रा भी आरंभ में ऐसी नहीं थी। यह तो बस एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने की साधारण-सी यात्रा थी।इस मार्ग से मेरा पर...

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श्याम का हिसाब By kantilal Rathod Badamiya

श्याम का हिसाबजहाँ इंसान का हिसाब खत्म होता है… वहाँ श्याम की कृपा शुरू होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाकहते हैं—जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खाटू वाला...

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अधूरापन - 30 By Falguni Dost

अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और बोली, "मम्मी! मुझे भी आपकी तरह ही सब कुछ सीख लेना है। आज मैं बनाऊँगी, आप जैसा-जैसा कहेंगी, मैं वैसा क...

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मेरी पहली किताब By Dharmpal Sroj

जंगल में हाथी से सामना: मेरे जीवन का एक ऐसा दिन जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगायह कहानी मेरे जीवन में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है।भाग 1: जंगल की ओर 15 किलोमीटर का सफर उस दिन की शुरुआत...

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लंबे समय बाद मिले दोस्त By Vijay Erry

लंबे समय बाद मिले दोस्तलेखक: विजय शर्मा एरीसमय की धारा बहती रहती है। लोग बदलते हैं, शहर बदलते हैं, जिम्मेदारियाँ बदलती हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो दिल के सबसे गहरे कोने म...

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दो निवाले सम्मान के By kantilal Rathod Badamiya

“दो निवाले सम्मान के” उपशीर्षककभी-कभी भूख भोजन से नहीं, इंसानियत से मिटती है।--- भूमिकाहम अक्सर घर में भोजन बनाते हैं।परिवार के साथ खाते हैं।त्योहार आते हैं तो तरह-तरह की मिठाइयाँ...

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कहानी काशी की... By Daleep kumar

काशी का घर हमारे घर से काफी दूर सामने ऊंची पहाड़ी पर है ।काशी सुंदर नौजवान तो था ही सुना था काशी बहुत ही समझदार भी था।साथ साथ वह एक मिलनसार व्यक्ति भी था।काशी दर्जी का काम करता था।...

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दो किताबों के पन्ने By Nisha Choudhary

: दो किताबों के पन्ने (ग़रीबी से अमीरी का असली सफ़र)शहर के एक नामी स्कूल के बाहर दो लड़के रोज़ मिला करते थे—रोहित और विकास।रोहित गाँव के एक बेहद गरीब परिवार से था। उसके पिता एक छोट...

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Physicology Of Money Review By Ashish

Morgan Housel की The Psychology of Money  review  The Psychology of Money — मुख्य बातें1. पैसे का खेल गणित से ज्यादा व्यवहार का हैपैसे के मामले में केवल IQ या financial knowledge क...

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उपहार By Vijay Erry

उपहारलेखक: विजय शर्मा एरीज़िंदगी में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो महँगी दुकानों में नहीं मिलतीं। वे न तो सोने-चाँदी से बनती हैं, न ही चमकदार पैकेट में आती हैं। वे दिल से निकलती हैं औ...

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एक फरिश्ता By Vijay Erry

एक फरिश्तालेखक: विजय शर्मा एरीशहर की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आस-पास के दर्द को देखना भी भूल जाते हैं। दिल्ली के एक पुराने मोहल्ले में, जहाँ गल...

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थोड़ा साथ और By kantilal Rathod Badamiya

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल गए।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाज़िंदगी में हम सबके पास एक सप...

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किस्मत का एक पन्ना By kantilal Rathod Badamiya

किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति खुद क्रूर नहीं होती…बस जीवन के कुछ ऐ...

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संघर्ष अभी जारी है By Vandna Sharma

संघर्ष अभी जारी है...खुशबू दो दिन से अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव की घड़ी नजदीक थी, पर जटिलताएं बढ़ती जा रही थीं। दर्द की लहरें उसके शरीर को तोड़ रही थीं, चेहरा पीला पड़ गया था। रात...

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सपनों की कीमत By Nisha Choudhary

एक अंधेरे कमरे में टेबल पर ₹100 का अकेला नोट रखा था। बाहर मूसलाधार बारिश और तूफ़ान था, और अंदर 22 साल का समर अपनी हथेलियों में मुंह छिपाए बैठा था। उसके दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा...

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AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी By Kaushik dave

AYESHAएक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगीWriter KDअध्याय 1 — एक खुश रहने वाली लड़कीहर कहानी की शुरुआत दर्द से नहीं होती।कुछ कहानियाँ एक ऐसी लड़की से शुरू होती हैं, जिसके चेहरे प...

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चार दिन की शान। By kantilal Rathod Badamiya

चार दिन की शान।एक बेटे की ज़िद… और एक परिवार की कीमत️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाआज के समय में मोबाइल केवल जरूरत नहीं रहा।कई युवाओं के लिए वह पहचान बन गया है।क...

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थोड़ा साथ और By kantilal Rathod Badamiya

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल गए।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाज़िंदगी में हम सबके पास एक सप...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 15 By Aloka Patel

भाग 15 — अब खुद के लिएसुबह के सात बजे थे।मिहिर अपनी छोटी-सी मेज पर बैठा था।सामने लैपटॉप खुला था।कुछ जरूरी कागज एक तरफ रखे थे और दूसरी तरफ चाय का कप।अब उसकी जिंदगी पहले जैसी नहीं रह...

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खामोशी के उस पार By Minakshi Sharad Ramteke

रात के दो बज रहे थे।शहर सो चुका था, लेकिन Minakshi की आँखों में नींद का नाम नहीं था।कमरे में अँधेरा था। खिड़की के बाहर सड़क की हल्की रोशनी पर्दे से होकर कमरे में आ रही थी। सब कुछ श...

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जब कैमरे बंद हुए, तब इंसानियत जागी By kantilal Rathod Badamiya

जब कैमरे बंद हुए, तब इंसानियत जागीएक भावुक कहानी — इंसानियत, भीड़ और मोबाइल की बदलती दुनिया कीलेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाकभी सड़क पर कोई गिर जाता था,तो दस हाथ...

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शीनू की मंजिल By Vandna Sharma

कहानी - शीनू की मंज़िलशीनू इस वर्ष शहर की नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम आई थी। उसकी आँखों में बड़े सपने तैर रहे थे। तभी मुम्बई से एक बड़े रियलिटी शो के लिए ऑफर आया। शीनू ने बारहवीं क...

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व्यक्तिगत स्वच्छता और सामाजिक शिष्टता By Shivam Kumar Pandey

भारतीय समाज में सुधार के लिएएक महत्वपूर्ण दस्तावेज़लेखकशिवम कुमार पाण्डेयमौलिक विचारों, कहानियों और दैनिक जीवन के उदाहरणों पर आधारितयह पुस्तक, (A.I.) की सहायता से तैयार की गई है ।भ...

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रिश्तों की डोर By kantilal Rathod Badamiya

रिश्तों की डोरएक अहसास… एक तड़प… और ज़िंदगी का एक कड़वा सचलेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावना ज़िंदगी बहुत अजीब है…जब हम छोटे होते हैं, तब हमें लगता है कि माँ-बाप...

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अति चिंतन By Vandna Sharma

मंजू आज सुबह से ही बहुत थकी हुई महसूस कर रही थी। वैसे तो उसे नींद बहुत कम आती थी, पर आज तो आंखें खोलने का भी मन नहीं हो रहा था।पति और बच्चों को स्कूल-ऑफिस भेजकर वह बिस्तर पर जा गिर...

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बेदाग होना ही मुकम्मल नहीं By Madhavi Tripathi

जिंदगी में बेदाग और बिल्कुल सही दिखना बहुत आसान है, बशर्ते आपने कभी मैदान में उतरकर कोई काम न किया हो।आज मेज़ पर बिखरे सामान के बीच किसी के लिए पेंसिल ढूंढते हुए मेरे हाथ में दो पे...

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रिश्तों का एहसास By Dharmpal Sroj

एक ऐसा सफर, जिसमें मंजिल से ज्यादा रास्ते ने सिखायापूरनपुर की सुबह में एक अलग ही अपनापन था।सूरज निकलने से पहले ही खेतों की पगडंडियों पर लोगों के कदमों की आहट सुनाई देने लगती थी। कह...

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अपराजिता By Vandna Sharma

कहानी - अपराजितासंध्या का समय था। दिन ढल चुका था, अंधेरा अभी पूरी तरह बना नहीं था। अपराजिता, जिसे सब प्यार से सुहानी कहते थे, बेचैनी से हॉल में इधर-उधर टहल रही थी। उसके पति रोहन अभ...

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साल 2050:आखिरी किताब By Vijay Erry

वर्ष 2050: आखिरी किताबलेखक: विजय शर्मा एरीवर्ष दो हजार पचास की सुबह दिल्ली के किनारे बसे ‘न्यू चंडीगढ़’ की गलियों में धूप धीरे-धीरे उतर रही थी। आसमान पहले जैसा नीला नहीं था। हल्की...

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रोशनी की दस्तक - 1 By Nisha Choudhary

भाग 1: अनदेखा दीयारघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीवारें अब सिर्फ ख़ामोशी की गवाही देती थीं। ढलती शाम के साथ जब गाँव की गलियों में चिड़ियों का शोर थमता, तब रघुनाथ जी के घर...

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सफलता जरूर हासिल करें By Naastik Aman Verma

सफलता जरूर हासिल करेंकिसी छोटे-से गाँव के आखिरी छोर पर एक पुराना-सा घर था। घर की दीवारों पर समय की दरारें थीं, छत पर बरसात के निशान थे और आँगन में एक नीम का पेड़ था, जिसकी छाया में...

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एक बूँद ज़िंदगी By kantilal Rathod Badamiya

एक बूँद ज़िंदगीजब रास्ता खत्म हो जाए, तब इंसानियत रास्ता बनाती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर पानी को बहुत छोटी चीज समझ लेते हैं।नल खोला… पानी आया।गिलास भरा… पानी पी लिया।बोतल आधी बची…...

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चमक के पीछे By kantilal Rathod Badamiya

चमक के पीछेदौलत, विश्वास और इंसानियत की एक भावुक कहानी--- प्रस्तावनाहर इंसान जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।कोई छोटा घर बड़ा करना चाहता है, कोई बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहता...

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पहाड़, जंगल और झरने के बीच एक छोटा सा घर By Dharmpal Sroj

बहुत दूर, शहर की भीड़ और शोर से बिल्कुल अलग, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच एक छोटी-सी घाटी थी। उस घाटी के चारों ओर घना जंगल फैला हुआ था। जंगल में देवदार और चीड़ के ऊँचे पेड़ हवा चलने पर...

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भूख का फैसला By kantilal Rathod Badamiya

भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकायह कहानी किसी एक बच्चे की नहीं है।यह कहानी उस भ...

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सादगी बनी मिसाल By Vandna Sharma

सादगीअनु कोई असाधारण नाम नहीं था, और वह खुद भी खुद को असाधारण नहीं मानती थी। वह एक साधारण सी, सुलझे विचारों वाली लड़की थी। उसे सजने-संवरने का शौक नहीं था। उसके लंबे-ढीले सूट, करीने...

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खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को नीचा दिखाना जरूरी नहीं By Anugya Mishra

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एक क्लिक By kantilal Rathod Badamiya

एक क्लिककभी-कभी एक छोटी-सी मदद… किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाहम जिस दौर में जी रहे हैं, वहाँ मोबाइल हमारे हाथ में है और इंटरनेट...

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बस में खड़ा हिमालय By Shilpy Aggarwal

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श्याम का हिसाब By kantilal Rathod Badamiya

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अधूरापन - 30 By Falguni Dost

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लंबे समय बाद मिले दोस्त By Vijay Erry

लंबे समय बाद मिले दोस्तलेखक: विजय शर्मा एरीसमय की धारा बहती रहती है। लोग बदलते हैं, शहर बदलते हैं, जिम्मेदारियाँ बदलती हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो दिल के सबसे गहरे कोने म...

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दो निवाले सम्मान के By kantilal Rathod Badamiya

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कहानी काशी की... By Daleep kumar

काशी का घर हमारे घर से काफी दूर सामने ऊंची पहाड़ी पर है ।काशी सुंदर नौजवान तो था ही सुना था काशी बहुत ही समझदार भी था।साथ साथ वह एक मिलनसार व्यक्ति भी था।काशी दर्जी का काम करता था।...

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दो किताबों के पन्ने By Nisha Choudhary

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उपहार By Vijay Erry

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थोड़ा साथ और By kantilal Rathod Badamiya

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल गए।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाज़िंदगी में हम सबके पास एक सप...

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किस्मत का एक पन्ना By kantilal Rathod Badamiya

किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति खुद क्रूर नहीं होती…बस जीवन के कुछ ऐ...

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AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी By Kaushik dave

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अति चिंतन By Vandna Sharma

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बेदाग होना ही मुकम्मल नहीं By Madhavi Tripathi

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रिश्तों का एहसास By Dharmpal Sroj

एक ऐसा सफर, जिसमें मंजिल से ज्यादा रास्ते ने सिखायापूरनपुर की सुबह में एक अलग ही अपनापन था।सूरज निकलने से पहले ही खेतों की पगडंडियों पर लोगों के कदमों की आहट सुनाई देने लगती थी। कह...

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अपराजिता By Vandna Sharma

कहानी - अपराजितासंध्या का समय था। दिन ढल चुका था, अंधेरा अभी पूरी तरह बना नहीं था। अपराजिता, जिसे सब प्यार से सुहानी कहते थे, बेचैनी से हॉल में इधर-उधर टहल रही थी। उसके पति रोहन अभ...

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साल 2050:आखिरी किताब By Vijay Erry

वर्ष 2050: आखिरी किताबलेखक: विजय शर्मा एरीवर्ष दो हजार पचास की सुबह दिल्ली के किनारे बसे ‘न्यू चंडीगढ़’ की गलियों में धूप धीरे-धीरे उतर रही थी। आसमान पहले जैसा नीला नहीं था। हल्की...

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