प्रेरक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • आड़

    ​आड़ कमल चोपड़ा    ​कई दिनों से असद ने न तो गायत्री को ही चराई के लिए भेजा था और...

  • Extra Material Affair.. - 3

    लेकिन ज़िंदगी उतनी आसान नहीं होती जितनी इंसान सोच लेता है।कभी-कभी तो वो हमारे ख्...

  • भिखारी का राज

    “जिसे उसने ‘भिखारी’ समझकर पानी तक नहीं दिया… अगले ही दिन वही आदमी निकला पूरे मॉल...

शादी एक अभिशाप क्यों? - 3 - (अंतिम भाग) By RACHNA ROY

कभी सासू मां के पेन्सन के पैसे हर महीने आ जाते हैं वो सब कुछ अपना करती है और कभी कभी हमारे लिए भी लाती है और जब उनका कुछ पैसे ना मिले तो तुरंत कहते हुए जरा भी संकोच नहीं होता कि यह...

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मंजिले - भाग 44 By Neeraj Sharma

                    (1) ( ये सत्य कहानी पर आधारत अपराध बोध की कहानी है... नाम कल्पनिक है।)        " तोता राम झूठ बोले " ये बनवारी ने कहा था। बनारस से पानीपत आ चूका मंदिर मे दस साल...

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किराये के मकान की यादें By Vijay Erry

“किराये के घर की यादें” (लगभग 2000 शब्द), लेखक: विजय शर्मा एरी  ---किराये के घर की यादें1.ज़िंदगी के सफ़र में कई ठिकाने आते हैं। कुछ ठिकाने स्थायी होते हैं, तो कुछ अस्थायी। किराये...

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मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग - 4 By Abhi Anand

महीने का आखिरी हफ्ता आर्यन के लिए सबसे भारी होता था। जैसे-जैसे तारीखें खत्म होने को आतीं उसकी चिंताएँ बढ़ने लगतीं। उस रात भी कुछ ऐसा ही था पूरा शहर गहरी नींद में डूबा हुआ था, सड़को...

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नो एंट्री बनी रही By Wajid Husain

          वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी   कमरे में मोटे पर्दे पड़े थे। बाहर शाम कब उतर आई, इंद्राणी को पता ही नहीं चला। वह किताब खोले हुए थी, पर पढ़ कम रही थी- ज़्यादा अपने को भीत...

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बॉंस-फूस-खपच्ची By कमल चोपड़ा

​बाँस-फूस-खपच्ची कमल चोपड़ा​झुग्गी के अन्दर जगह कम थी। वे कुल चार जने थे। तीन अन्दर घुस आये थे। एक बाहर ही खड़ा रहा था। घुसते ही उन्होंने जयसुखलाल से तीन हजार रुपये माँगे। सुना-अनस...

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संक्रमण By कमल चोपड़ा

संक्रमणकमल चोपड़ा    ​आज कालू वहीं काम पर बैठा था, जिसे ना करने के लिए उसकी माँ ने मरते वक्त उसे सख्त ताकीद की थी। माँ ने मरते वक्त कहा था, "हे श्वान-पुत्र, इन अन्तिम क्षणों में तु...

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किसान: धरती का अन्नदाता By Gauri Katiyar

किसान – केवल शब्द नहीं, एक पहचान किसान केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि यह हर उस इंसान की पहचान है जो खेती करके अपने परिवार और हमारे देश का पेट भरता है। किसान भारत की आन, बान और शान हैं...

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मुद्दा By कमल चोपड़ा

​मुद्दाकमल चोपड़ा ​इससे गिरी हुई हरकत और क्या होगी? बेटी की उम्र की बच्ची के साथ रँगे हाथों वह पकड़ा गया।​घोर कलियुग है वर्ना सूरज टूटकर गिर जाता या धरती फट जाती लेकिन कुछ भी नहीं...

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आड़ By कमल चोपड़ा

​आड़ कमल चोपड़ा    ​कई दिनों से असद ने न तो गायत्री को ही चराई के लिए भेजा था और न वह खुद ही घर से बाहर निकला था। जिस कोठरी में वे खुद रहते-सोते थे, उसमें एक खूँटा गाड़कर उसने गायत्...

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नम आँखे - 4 By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

अभिनव -नैन्सी आपस में बाते करते है। देखो न देखते ही नम आँखे देखते दोनो बच्चो का इस साल इण्टर है। अगली साल से इनका कॉलेज शुरु हो जायेगा।झ्न का केरियर बनाना है। भविष्य में कामयाब व्य...

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Extra Material Affair.. - 3 By kalpita

लेकिन ज़िंदगी उतनी आसान नहीं होती जितनी इंसान सोच लेता है।कभी-कभी तो वो हमारे ख्वाबों का उल्टा ही कर देती है।ऑफिस में एक दिन विकास देर तक काम कर रहा था।अचानक उसके सीने में तेज़ दर्...

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गरीब माँ को देखकर लोग हँसे... By Raju kumar Chaudhary

“जिस माँ की बदबू से पूरी क्लास नाक ढकती थी… उसी माँ ने ग्रेजुएशन के दिन ऐसा सच दिखाया कि पूरा हॉल रो पड़ा!”उस दिन सुबह अर्जुन की माँ सरिता ने अपनी सबसे अच्छी साड़ी निकाली।वह साड़ी...

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भिखारी का राज By Raju kumar Chaudhary

“जिसे उसने ‘भिखारी’ समझकर पानी तक नहीं दिया… अगले ही दिन वही आदमी निकला पूरे मॉल का नया मालिक!”ग्रैंड प्लाज़ा मॉल के अंदर एक दुकान थी लक्स एंपोरियम। डिज़ाइनर बैग्स, महंगे जूते और ल...

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सफ़र की रंगत - 1 By Std Maurya

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?"​प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और आप पूछ रहे हैं कि क्या हुआ है? चलिए, अब अपनी सीट पर बैठिए।"​मैं अपनी सीट...

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स्वाभिमान की परीक्षा By Raju kumar Chaudhary

 स्वाभिमान की रोटीउत्तर प्रदेश के पवित्र शहर वाराणसी की शाम थी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की तैयारियाँ चल रही थीं। घंटियों की आवाज, मंत्रों की गूंज और दीपों की रोशनी से पूरा वाताव...

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बंद घड़ी का सबक By ASHISH KUMAR

आर्यन अपनी कलाई पर बंधी महंगी स्मार्टवॉच पर बार-बार नज़रें दौड़ा रहा था। रविवार की शाम थी, और उसे मुंबई वापस जाने की जल्दी थी। गाँव में दादाजी के पुराने घर के आंगन में बैठा वह शारी...

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लाइफ ऑफ़ अ वूमेन By Wajid Husain

वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी  बचपन से ही मैं कई बार मरी हूं पर अपनी जीने की चाह के चलते हर बार जीवित भी हो जाती। मरने के इतने अनुभवों के बाद भी मुझे मौत से बहुत डर लगता। मैं मरना...

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अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआत By Khushbu kumari

यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसे समाज और हालात ने हार मानने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन उसकी किस्मत ने एक नया मोड़ लिया।अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआतएक छोटे से शहर में रहने वाली स्नेहा...

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THE PLAYER - 2 By Avnish Sharma

इंजीनियरिंग कॉलेज का पहला दिन।बड़ा कैंपस।नई इमारतें।अजनबी चेहरे।गुरप्रीत के हाथ में दो चीज़ें थीं —एक किताबों का बैग,और एक पुराना क्रिकेट बैट।क्लास में प्रोफेसर ने पूछा —“यहाँ कौन-...

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माउंटेन मैन By Rishav raj

यह कहानी दशरथ मांझी के जीवन से प्रेरित एक रचनात्मक (creative) प्रस्तुति है।इसमें दर्शाए गए कुछ संवाद, भावनाएँ और दृश्य लेखक की कल्पना पर आधारित हैं, ताकि कहानी को अधिक प्रभावशाली औ...

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क्या आप सच में स्वस्थ्य हैं ? By prem chand hembram

🩺 क्या आप सच में स्वस्थ हैं?क्या आपने कभी सच में रुककर स्वयं से पूछा है—क्या मैं वास्तव में स्वस्थ हूँ, या केवल दवाओं के सहारे जीवन जी रहा हूँ?यदि आप स्वयं को स्वस्थ मानते हैं,तो क...

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आर्या By Radhika

बरसात की हल्की-हल्की बूंदें टीन की छत पर गिर रही थीं। जहां वह बैठकर वह बरसात के बूंदों को अपने पन्ने में इस तरह बयां कर रही थी मानों वो बारिश का पानी नहीं उसके आंसू हों।        उसक...

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अधूरी लोरी ममता का आखिरी रंग By Khushbu kumari

माँ-बेटी के पवित्र और भावुक रिश्ते पर यह कहानी आपकी रूह को झकझोर देगी:अधूरी लोरी: ममता का आखिरी रंगएक छोटे से घर में मीरा अपनी 6 साल की बेटी, परी के साथ रहती थी। मीरा एक मज़दूर थी,...

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काला कानून: रॉलेट एक्ट By Gauri Katiyar

रॉलेट एक्ट के बारे में तो सभी ने सुना है, परंतु इसके पीछे छिपी दर्द भरी कहानी अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है “यह सिर्फ एक कानून नहीं था, बल्कि भारत के लिए एक काला कानून था, जिसने अन...

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Ashish's Business Story By Ashish

मैं आपको दोनों फॉर्मेट दे रहा हूँ ताकि आप इसे1️⃣ Business Magazine Style Article Ashish Shah: The Man on a Mission to Build a Leak-Proof Indiaभारत में जब कोई नई इमारत बनती है, तो ल...

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मानव मन की शक्ति By Raju kumar Chaudhary

Human Mindset (मानव मन की शक्ति)मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसकी शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि उसका माइंडसेट है।इतिहास गवाह है जिन लोगों ने दुनिया बदली, उन्होंने पहले अपनी सोच बदली।यह पुस...

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हार के बाद की जीत By Jeetendra

राघव के लिए वह दिन सिर्फ एक हार नहीं था, बल्कि जैसे पूरी दुनिया ही उसके खिलाफ हो गई थी। सुबह तक वह खुद को बहुत मजबूत समझ रहा था। उसे यकीन था कि इस बार जीत उसी की होगी। वह महीनों से...

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मेहनत की राह - मेरी अधूरी से पूरी होती कहानी - 1 By Soham

मैं एक छोटे से गाँव में रहने वाला एक साधारण लड़का था। मेरी पहचान बस इतनी थी कि मैं भी उन लाखों लोगों की तरह था, जो हर दिन संघर्ष करते हैं और एक बेहतर जिंदगी का सपना देखते हैं। घर क...

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बेवजह की महोब्बत। By Jeetendra

 का समय था। शहर की पुरानी गलियों में हल्की ठंडी हवा बह रही थी। सड़क किनारे लगे पीपल के पेड़ की पत्तियाँ सरसराकर जैसे किसी अनकही कहानी की गवाही दे रही थीं। उसी शहर के एक छोटे से कमर...

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एक अधूरा ख़्वाब By Khushbu kumari

गाँव की पगडंडियों पर सन्नाटा था, सिर्फ सूखी पत्तियों के उड़ने की आवाज़ आ रही थी। बूढ़ा चित्रकार, जिसे सब 'दादू' कहते थे, अपनी झोपड़ी के बाहर बैठा ज़ोया का इंतज़ार कर रहा था...

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आगे बढ़ते रहना By PRINCE PREMKUMAR

कभी-कभी, जीवन एक बवंडर जैसा लगता है, जो हमें एक काम से दूसरे काम की ओर तेजी से ले जाता है।आगे बढ़ते हैं। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में, वर्तमान में जीना, अपनी त्वचा पर सूरज की गर्माहट...

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त्याग की मूरत: बूढ़े पिता और वह मेज By Khushbu kumari

समीर अपने परिवार के साथ एक बड़े शहर में एक शानदार बंगले में रहता था। वह एक बड़ी कंपनी में ऊँचे पद पर था और सभी ऐशो-आराम का मज़ा लेता था। उसकी पत्नी माया और उसका पाँच साल का बेटा आर...

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महापुरुष - वर्तमान की एक तलाश By Kamal Bhansali

श्रेयस और प्रेयस भारतीय दर्शन के दो महत्वपूर्ण विचार हैं। ये उपनिषदों की शिक्षाओं से लिए गये हैं। श्रेयस का अर्थ है, दीर्घकालिक लाभ या जो वास्तव में लाभकारी हो। प्रेयस का अर्थ है,...

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उम्मीद की नई फसल By Khushbu kumari

एक छोटे से गाँव में एक बूढ़ा पेंटर रहता था। वह अपनी कला के लिए मशहूर था, लेकिन उसकी अपनी ज़िंदगी बेरंग हो गई थी। उसकी पत्नी के जाने के बाद, वह बहुत अकेला महसूस करता था। एक दिन, उसन...

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1 Crore in 365 Days By Raju kumar Chaudhary

लेखक Raju Kumar Chaudharyश्रेणी: वित्तीय साक्षरता, प्रेरणा, व्यक्तिगत विकासपाठकों के लिए: वित्तीय स्वतंत्रता चाहने वाले, युवा उद्यमी, निवेशक और मेहनती पेशेवरपरिचयआज के समय में आर्थ...

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मेहनत का फल By SOLANKI

एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत साधारण था। उसके पिता एक किसान थे और माँ घर का काम संभालती थीं। घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन अर...

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वक़्त की अदालत By Vijay Erry

 हिंदी कहानी: वक़्त की अदालतप्रस्तावनावक़्त – यह अदृश्य शक्ति है, जो हर इंसान के जीवन में न्यायाधीश की तरह बैठी रहती है। अदालतों में झूठ, चालाकी और चालबाज़ी चल सकती है, पर वक़्त की...

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WARRIOR MINDSET (अंदर के डर से लड़कर खुद की जीत तक) By Raju kumar Chaudhary

“अंदर के डर से लड़कर खुद की जीत तक“हार का पहला स्वादअर्जुन को हमेशा लगता था कि उसके अंदर कुछ खास है।लेकिन “लगना” और “साबित करना” दो अलग चीजें होती हैं और वह यह बात उस दिन समझ पाया,...

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उम्मीद की आखिरी लकीर By Khushbu kumari

उम्मीद की आखिरी लकीर शहर के शोर से दूर, एक टूटी-फूटी झोंपड़ी में दादाजी रहते थे। लोग उन्हें 'पागल चित्रकार' कहते थे क्योंकि वह दिन भर कोरे कागजों पर बस एक ही लकीर खींचते—एक टेढ़ी-म...

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RICH MINDSET By Raju kumar Chaudhary

RICH Mindsetधनी मानसिकता सोच बदल, जीवन बदल️ लेखक: राजु कुमार चौधरीधनी बन्नु केवल पैसाको विषय होइन।धनी बन्नु भनेको सोचको स्तर बदल्नु हो।धेरै मानिसहरू जीवनभर मेहनत गर्छन्, तर धनी बन्...

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किराये का सुकून By Khushbu kumari

किराये का सुकून शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में समीर एक बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करता था। उसकी ज़िंदगी फाइलों, लैपटॉप की स्क्रीन और डेडलाइन्स के बीच सिमट कर रह गई थी। पैसे तो बहुत...

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शादी एक अभिशाप क्यों? - 3 - (अंतिम भाग) By RACHNA ROY

कभी सासू मां के पेन्सन के पैसे हर महीने आ जाते हैं वो सब कुछ अपना करती है और कभी कभी हमारे लिए भी लाती है और जब उनका कुछ पैसे ना मिले तो तुरंत कहते हुए जरा भी संकोच नहीं होता कि यह...

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किराये के मकान की यादें By Vijay Erry

“किराये के घर की यादें” (लगभग 2000 शब्द), लेखक: विजय शर्मा एरी  ---किराये के घर की यादें1.ज़िंदगी के सफ़र में कई ठिकाने आते हैं। कुछ ठिकाने स्थायी होते हैं, तो कुछ अस्थायी। किराये...

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​बाँस-फूस-खपच्ची कमल चोपड़ा​झुग्गी के अन्दर जगह कम थी। वे कुल चार जने थे। तीन अन्दर घुस आये थे। एक बाहर ही खड़ा रहा था। घुसते ही उन्होंने जयसुखलाल से तीन हजार रुपये माँगे। सुना-अनस...

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संक्रमण By कमल चोपड़ा

संक्रमणकमल चोपड़ा    ​आज कालू वहीं काम पर बैठा था, जिसे ना करने के लिए उसकी माँ ने मरते वक्त उसे सख्त ताकीद की थी। माँ ने मरते वक्त कहा था, "हे श्वान-पुत्र, इन अन्तिम क्षणों में तु...

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किसान: धरती का अन्नदाता By Gauri Katiyar

किसान – केवल शब्द नहीं, एक पहचान किसान केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि यह हर उस इंसान की पहचान है जो खेती करके अपने परिवार और हमारे देश का पेट भरता है। किसान भारत की आन, बान और शान हैं...

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मुद्दा By कमल चोपड़ा

​मुद्दाकमल चोपड़ा ​इससे गिरी हुई हरकत और क्या होगी? बेटी की उम्र की बच्ची के साथ रँगे हाथों वह पकड़ा गया।​घोर कलियुग है वर्ना सूरज टूटकर गिर जाता या धरती फट जाती लेकिन कुछ भी नहीं...

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आड़ By कमल चोपड़ा

​आड़ कमल चोपड़ा    ​कई दिनों से असद ने न तो गायत्री को ही चराई के लिए भेजा था और न वह खुद ही घर से बाहर निकला था। जिस कोठरी में वे खुद रहते-सोते थे, उसमें एक खूँटा गाड़कर उसने गायत्...

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नम आँखे - 4 By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

अभिनव -नैन्सी आपस में बाते करते है। देखो न देखते ही नम आँखे देखते दोनो बच्चो का इस साल इण्टर है। अगली साल से इनका कॉलेज शुरु हो जायेगा।झ्न का केरियर बनाना है। भविष्य में कामयाब व्य...

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भिखारी का राज By Raju kumar Chaudhary

“जिसे उसने ‘भिखारी’ समझकर पानी तक नहीं दिया… अगले ही दिन वही आदमी निकला पूरे मॉल का नया मालिक!”ग्रैंड प्लाज़ा मॉल के अंदर एक दुकान थी लक्स एंपोरियम। डिज़ाइनर बैग्स, महंगे जूते और ल...

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बंद घड़ी का सबक By ASHISH KUMAR

आर्यन अपनी कलाई पर बंधी महंगी स्मार्टवॉच पर बार-बार नज़रें दौड़ा रहा था। रविवार की शाम थी, और उसे मुंबई वापस जाने की जल्दी थी। गाँव में दादाजी के पुराने घर के आंगन में बैठा वह शारी...

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वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी  बचपन से ही मैं कई बार मरी हूं पर अपनी जीने की चाह के चलते हर बार जीवित भी हो जाती। मरने के इतने अनुभवों के बाद भी मुझे मौत से बहुत डर लगता। मैं मरना...

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अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआत By Khushbu kumari

यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसे समाज और हालात ने हार मानने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन उसकी किस्मत ने एक नया मोड़ लिया।अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआतएक छोटे से शहर में रहने वाली स्नेहा...

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माउंटेन मैन By Rishav raj

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आर्या By Radhika

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अधूरी लोरी ममता का आखिरी रंग By Khushbu kumari

माँ-बेटी के पवित्र और भावुक रिश्ते पर यह कहानी आपकी रूह को झकझोर देगी:अधूरी लोरी: ममता का आखिरी रंगएक छोटे से घर में मीरा अपनी 6 साल की बेटी, परी के साथ रहती थी। मीरा एक मज़दूर थी,...

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Ashish's Business Story By Ashish

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मानव मन की शक्ति By Raju kumar Chaudhary

Human Mindset (मानव मन की शक्ति)मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसकी शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि उसका माइंडसेट है।इतिहास गवाह है जिन लोगों ने दुनिया बदली, उन्होंने पहले अपनी सोच बदली।यह पुस...

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हार के बाद की जीत By Jeetendra

राघव के लिए वह दिन सिर्फ एक हार नहीं था, बल्कि जैसे पूरी दुनिया ही उसके खिलाफ हो गई थी। सुबह तक वह खुद को बहुत मजबूत समझ रहा था। उसे यकीन था कि इस बार जीत उसी की होगी। वह महीनों से...

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मेहनत की राह - मेरी अधूरी से पूरी होती कहानी - 1 By Soham

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बेवजह की महोब्बत। By Jeetendra

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एक अधूरा ख़्वाब By Khushbu kumari

गाँव की पगडंडियों पर सन्नाटा था, सिर्फ सूखी पत्तियों के उड़ने की आवाज़ आ रही थी। बूढ़ा चित्रकार, जिसे सब 'दादू' कहते थे, अपनी झोपड़ी के बाहर बैठा ज़ोया का इंतज़ार कर रहा था...

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त्याग की मूरत: बूढ़े पिता और वह मेज By Khushbu kumari

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महापुरुष - वर्तमान की एक तलाश By Kamal Bhansali

श्रेयस और प्रेयस भारतीय दर्शन के दो महत्वपूर्ण विचार हैं। ये उपनिषदों की शिक्षाओं से लिए गये हैं। श्रेयस का अर्थ है, दीर्घकालिक लाभ या जो वास्तव में लाभकारी हो। प्रेयस का अर्थ है,...

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उम्मीद की नई फसल By Khushbu kumari

एक छोटे से गाँव में एक बूढ़ा पेंटर रहता था। वह अपनी कला के लिए मशहूर था, लेकिन उसकी अपनी ज़िंदगी बेरंग हो गई थी। उसकी पत्नी के जाने के बाद, वह बहुत अकेला महसूस करता था। एक दिन, उसन...

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1 Crore in 365 Days By Raju kumar Chaudhary

लेखक Raju Kumar Chaudharyश्रेणी: वित्तीय साक्षरता, प्रेरणा, व्यक्तिगत विकासपाठकों के लिए: वित्तीय स्वतंत्रता चाहने वाले, युवा उद्यमी, निवेशक और मेहनती पेशेवरपरिचयआज के समय में आर्थ...

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मेहनत का फल By SOLANKI

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WARRIOR MINDSET (अंदर के डर से लड़कर खुद की जीत तक) By Raju kumar Chaudhary

“अंदर के डर से लड़कर खुद की जीत तक“हार का पहला स्वादअर्जुन को हमेशा लगता था कि उसके अंदर कुछ खास है।लेकिन “लगना” और “साबित करना” दो अलग चीजें होती हैं और वह यह बात उस दिन समझ पाया,...

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उम्मीद की आखिरी लकीर By Khushbu kumari

उम्मीद की आखिरी लकीर शहर के शोर से दूर, एक टूटी-फूटी झोंपड़ी में दादाजी रहते थे। लोग उन्हें 'पागल चित्रकार' कहते थे क्योंकि वह दिन भर कोरे कागजों पर बस एक ही लकीर खींचते—एक टेढ़ी-म...

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RICH MINDSET By Raju kumar Chaudhary

RICH Mindsetधनी मानसिकता सोच बदल, जीवन बदल️ लेखक: राजु कुमार चौधरीधनी बन्नु केवल पैसाको विषय होइन।धनी बन्नु भनेको सोचको स्तर बदल्नु हो।धेरै मानिसहरू जीवनभर मेहनत गर्छन्, तर धनी बन्...

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किराये का सुकून By Khushbu kumari

किराये का सुकून शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में समीर एक बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करता था। उसकी ज़िंदगी फाइलों, लैपटॉप की स्क्रीन और डेडलाइन्स के बीच सिमट कर रह गई थी। पैसे तो बहुत...

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